Monday, May 16, 2011

अभी कुछ दिनों से - दिल तो बच्चा है जी


अभी कुछ दिनों से लग रहा है बदले-बदले से हम हैं
हम बैठे-बैठे दिन में सपने देखते नींदें कम हैं।।

अभी कुछ दिनों से सुना है दिल का रौब ही कुछ नया है
कोई राज़ कमबख्त है छुपाए खुदा ही जाने कि क्या है
है दिल पे शक मेरा इसे प्यार हो गया

अभी कुछ दिनों से मैं सोचता हूँ कि दिल की थोड़ी-सी सुन लूँ
यहाँ रहने आएगी दिल सजा लूं मैं ख्वाब थोड़े से बुन लूँ
है दिल पे शक मेरा इसे प्यार हो गया

तू बेखबर या सब खबर, इक दिन ज़रा मेरे मासूम दिल पे गौर कर
पर्दों में मैं, रख लूँ तुझे, के दिल तेरा आ न जाए कहीं ये गैर पर
हम भोले हैं, शर्मीले हैं, हम हैं ज़रा सीधे मासूम इतनी खैर कर
जिस दिन कभी ज़िद पे अड़े, हम आएँगे आग का तेरा दरिया तैर कर

अभी कुछ दिनों से लगे मेरा दिल धुत हो जैसे नशे में
क्यूँ लड़खड़ाए ये बहके गाए है तेरे हर रास्ते में
है दिल पे शक मेरा इसे प्यार हो गया

बनके शहर चल रात भर, तू और मैं तो मुसाफ़िर भटकते हम फिरे
चल रास्ते जहाँ ले चले, सपनों के फिर तेरी आहों में थक के हम गिरे
कोई प्यार की तरकीब हो, नुस्खे कोई जो सिखाए तो हम भी सीख लें
ये प्यार है, रहता कहाँ कोई हमसे कहे उससे जा के पूछ लें

मैं संभालूँ पाँव फिसल न जाऊँ नई-नई दोस्ती है
ज़रा देखभाल संभल के चलना कह रही ज़िंदगी है
है दिल पे शक मेरा इसे प्यार हो गया

गायक - मोहित चौहान
गीतकार - नीलेश मिश्रा
संगीत - प्रीतम

Tuesday, January 26, 2010

इकतारा - Wake Up Sid

ओ रे मनवा तू तो बावरा है

तू ही जाने तू क्या सोचता है

तू ही जाने तू क्या सोचता है बावरे

क्यूँ दिखाए सपने तू सोते जागते

जो बरसें सपने बूँद बूँद

नैनों को मूँद मूँद

कैसे मैं चलूँ

देख न सकूँ

अनजाने रास्ते

गूँजा-सा है कोई इकतारा इकतारा

गूँजा-सा है कोई इकतारा

गूँजा-सा है कोई इकतारा इकतारा

गूँजा-सा है कोई इकतारा इकतारा

धीमें बोले कोई इकतारा

धीमें बोले कोई इकतारा

गूँजा-सा है कोई इकतारा

सुन रही हूँ सुध-बुध खो के कोई मैं कहानी

पूरी कहानी है क्या किसे है पता

मैं तो किसी की हो के ये भी न जानी

रुत है ये दो पल की या रहेगी सदा

किसे है पता

किसे है पता

जो बरसें सपने बूँद बूँद

नैनों को मूँद मूँद

कैसे मैं चलूँ

देख न सकूँ

अनजाने रास्ते

गूँजा-सा है कोई इकतारा इकतारा

गूँजा-सा है कोई इकतारा

गूँजा-सा है कोई इकतारा इकतारा

गूँजा-सा है कोई इकतारा इकतारा

धीमें बोले कोई इकतारा

धीमें बोले कोई इकतारा

गूँजा-सा है कोई इकतारा

गायक - कविता सेठ, अमिताभ भट्टाचार्य

गीतकार - जावेद अख्तर

संगीत - अमित त्रिवेदी



Monday, January 25, 2010

दिल तो बच्चा है जी - इश्किया

ऐसी उलझी नज़र उनसे हटती नहीं
दाँत से रेशमी डोर कटती नहीं
उम्र कब से बरस के सुफ़ेद हो गई
कारी बदरी जवानी की छटती नहीं
वल्लाह ये धड़कन बढ़ने लगी है
चेहरे की रंगत उड़ने लगी है
डर लगता है तनहा सोने में जी
दिल तो बच्चा है जी
थोड़ा कच्चा है जी
हाँ दिल तो बच्चा है जी
थोड़ा कच्चा है जी

किसको पता था पहलू में रखा
दिल ऐसा पाजी भी होगा
हम तो हमेशा समझते थे कोई
हम जैसा हाजी भी होगा
हाय ज़ोर करें, कितना शोर करें
बेवजह बातों पे ऐंवे गौर करें
दिल-सा कोई कमीना नहीं
कोई तो रोके, कोई तो टोके
इस उम्र में अब खाओगो धोखे
डर लगता है इश्क करने में जी
दिल तो बच्चा है जी
दिल तो बच्चा है जी
थोड़ा कच्चा है जी
हाँ दिल तो बच्चा है जी

ऐसी उदासी बैठी है दिल पे
हँसने से घबरा रहे हैं
सारी जवानी कतरा के काटी
पीड़ी में टकरा गए हैं
दिल धड़कता है तो ऐसा लगता है वो
आ रहा है यहीं देखता ही न हो
प्रेम से मारें कटार रे
तौबा ये लम्हे कटते नहीं क्यों
आँखों से मेरी हटते नहीं क्यों
डर लगते है मुझसे कहन में जी
दिल तो बच्चा है जी
दिल तो बच्चा है जी
थोड़ा कच्चा है जी
हाँ दिल तो बच्चा है जी

गायक - राहत फ़तेह अली खान
गीतकार - गुलज़ार
संगीत - विशाल भरद्वाज

Thursday, November 12, 2009

हज़ारों ख्वाहिशें ऐसी – बावरा मन

बावरा मन देखने चला एक सपना।।

बावरा मन देखने चला एक सपना।।

बावरा मन देखने चला एक सपना।।

बावरा मन देखने चला एक सपना।।

बावरे-से मन की देखो बावरी है बातें।।

बावरी-सी धड़कनें हैं बावरी है साँसें

बावरी-सी करवटों से निंदिया क्यों भागे

बावरे-से नैन चाहे बावरे झरोखों से

बावरे नज़ारों को तकना

बावरा मन देखने चला एक सपना

बावरे-से इस जहाँ में बावरा इक साथ हो

इस सयानी भीड़ में बस हाथों में तेरा हाथ हो

बावरी-सी धुन हो कोई बावरा इक राग हो।।

बावरे-से पैर चाहें बावरे तरानों के

बावरे-से बोल पे थिरकना

बावरा मन देखने चला एक सपना

बावरा-सा हो अँधेरा बावरी खामोशियाँ।।

थरथराती लौ हो मद्धम बावरी मदहोशियाँ

बावरा इक घुंघटा चाहे हौले हौले बिन बताए।।

बावरा-से मुखड़े से सरकना

बावरा मन देखने चला एक सपना।।

बावरा मन देखने चला एक सपना।।

बावरा मन देखने चला एक सपना।।

गायक – स्वानंद किरकिरे

गीतकार – पुष्पा पटेल

संगीत – शांतनु मोइत्रा

Wednesday, September 30, 2009

पहली बार मोहब्बत की है - कमीने

थोड़े भीगे-भीगे से थोड़े नम हैं हम
कल से सोए-वोए भी तो कम हैं हम
दिल ने कैसी हरकत की है
पहली बार मोहब्बत की है
आखिरी बार मोहब्बत की है
पहली बार मोहब्बत की है,
आखिरी बार मोहब्बत की है,

आँखें डूबी-डूबी सुरमई मद्धम
झीलें पानी-पानी, बस तुम और हम
बात बढ़ी हैरत की है
पहली बार मोहब्बत की है
आखिरी बार मोहब्बत की है

ख़्वाब के बोझ से कपकपाती हुई
हलकी पलकें तेरी
याद आता है सब
तुझे गुदगुदाना, सताना, यूँ ही सोते हुए
गाल पे टीपना, मीचना, बेवजह बेसबब
याद है
पीपल के जिसके घने साए थे
हमने गिलहरी के जूठे मटर खाए थे
ये बरक़त उन हज़रत की है
पहली बार मोहब्बत की है
आखिरी बार मोहब्बत की है
पहली बार मोहब्बत की है
आखिरी बार मोहब्बत की है

गायक – मोहित चौहान
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – विशाल भरद्वाज

Tuesday, September 29, 2009

कमीने - कमीने

क्या करे ज़िंदगी इसको हम जो मिले
इसकी जां खा गए रात दिन के गिले

रात दिन गिले

मेरी आरज़ू कमीनी
मेरे ख़्वाब भी कमीने
इक दिल से दोस्ती थी
ये हुजू़र भी कमीने

क्या करे ज़िंदगी इसको हम जो मिले
इसकी जां खा गए रात दिन के गिले

कभी ज़िंदगी से मांगा पिंजरे में चाँद ला दो
कभी लालटेन देके कहा आसमाँ पे टांगो ।।
जीने के सब करीने
थे हमेशा से कमीने
कमीने कमीने कमीने कमीने

मेरी दास्तां कमीनी
मेरे रास्ते कमीने
इक दिल से दोस्ती थी
ये हुजू़र भी कमीने

जिसका भी चेहरा छीला अंदर से और निकला
मासूम-सा कबूतर नाचा तो मोर निकला
कभी हम कमीने निकले कभी दूसरे कमीने
कमीने कमीने कमीने कमीने

मेरी दोस्ती कमीनी
मेरे यार भी कमीने
इक दिल से दोस्ती थी
ये हुजू़र भी कमीने

गायक - विशाल भरद्वाज
गीतकार - ग़ुलज़ार
संगीत - विशाल भरद्वाज

Wednesday, March 18, 2009

जय हो - स्लमडॉग करोड़पति

जय हो जय हो जय हो जय हो
आजा आजा जिंद शामियाने के तले
आजा ज़री वाले नीले आसमान के तले
जय हो जय हो जय हो जय हो
आजा आजा जिंद शामियाने के तले
आजा ज़री वाले नीले आसमान के तले
जय हो जय हो जय हो जय हो

रत्ती रत्ती सच्ची मैंने जान गंवाई है
नच्च नच्च कोयलों पे रात बिताई है
अखियों की नींद मैंने फूँकों से उड़ा दी
गिन गिन तारे मैंने उंगली जलाई है
आजा आजा जिंद शामियाने के तले
आजा ज़री वाले नीले आसमान के तले
जय हो जय हो
जय हो जय हो

चख ले हो चख ले ये रात शहद है चख ले
रख ले हाँ दिल है दिल आखरी हद है रख ले
काला काला काजल तेरा कोई काला जादू है न
काला काला काजल तेरा कोई काला जादू है न

आजा आजा जिंद शामियाने के तले
आजा ज़री वाले नीले आसमान के तले
जय हो जय हो जय हो जय हो

कब से हाँ कब से जो लब पे रुकी है कह दे
कह दे हाँ कह दे अब आँख झुकी है कह दे
ऐसी ऐसी रोशन आँखें रोशन दोनो भी है है क्या
आजा आजा जिंद शामियाने के तले
आजा ज़री वाले नीले आसमान के तले
जय हो जय होजय हो जय हो

गायक - सुखविंदर, तन्वी शाह, महालक्ष्मी अय्यर, विजय प्रकाश
गीतकार - गुलज़ार
संगीत - ए आर रहमान

Tuesday, February 17, 2009

बाख़ुदा तुम्हीं हो - किस्मत क्नेक्शन

तुम ही एहसासों में तुम्हीं जज़्बातों में
तुम ही लम्हातों में तुम ही दिन रातों में


बाख़ुदा तु्म्हीं हो, हर जगह तुम्हीं हो
हाँ मैं देखूँ जहाँ जब उस जगह तुम्हीं हो
ये जहाँ तुम्हीं हो वो जहाँ तुम्हीं हो
इस ज़मीं से फ़लक के दरमियाँ तुम्हीं हो
तुम ही हो बेशुबा तुम ही हो
तुम ही हो मुझ में हाँ तुम ही हो
तुम ही हो

कैसे बताएं तुम्हें और किस तरह ये
कितना तुम्हें हम चाहते हैं
साया भी तेरा दिखे तो पास जाके
उस में सिमट हम जाते हैं
रास्ता तुम्हीं हो रहनुमा तुम्हीं हो
जिसकी ख़्वाहिश है हमको वो पनाह तुम्हीं हो
तुम ही हो बेशुबा तुम ही हो
तुम ही हो मुझ में हाँ तुम ही हो

तुम ही एहसासों में तुम्हीं जज़्बातों में
तुम ही लम्हातों में तुम ही दिन रातों में


कैसे बताएं तुम्हें शब में तुम्हारें ख़्वाब हसीं जो आते हैं
कैसे बताएं तुम्हें लम्स वो सारे जिस्म को जो महकाते हैं
इब्तिदा तुम्हीं हो, इंतेहा तुम्हीं हो
तुम हो जीने का मकसद और वजह तुम्हीं हो
बाख़ुदा तु्म्हीं हो,हर जगह तुम्हीं हो
हाँ मैं देखूँ जहाँ जब उस जगह तुम्हीं हो
ये जहाँ तुम्हीं हो, वो जहाँ तुम्हीं हो
इस ज़मीं से फ़लक के दरमियाँ तुम्हीं हो
तुम ही हो बेशुबा तुम ही हो
तुम ही हो मुझ में हाँ तुम ही हो
तुम ही हो
तुम ही हो

गायक - आतिफ़ असलम, अलका याज्ञिक
गीतकार - सैय्यद कादरी
संगीत - प्रीतम

Sunday, January 25, 2009

कैसे मुझे तुम मिल गईं - गजनी

कैसे मुझे तुम मिल गईं
किस्मत पे आए न यकीं
उतर आई झील में
जैसे चाँद उतरता है कभी
हौले हौले धीरे से

गुनगुनी धूप की तरह से तरन्नुम में तुम
छूके मुझे गुज़री हो यूँ
देखूँ तुम्हें या मैं सुनूँ
तुम हो सुकूँ तुम हो जुनूँ
क्यों पहले न आई तुम

कैसे मुझे तुम मिल गईं
किस्मत पे आए न यकीं

मैं तो ये सोचता था के आज कल
उपर वाले को फ़ुरसत नहीं
फिर भी तुम्हें बनाके वो
मेरी नज़र में चढ़ गया
रुतबे में वो और बढ़ गया

बदले रास्ते झरने और नदी
बदले रेत की टिम टिम
छेड़े ज़िंदगी धुन कोई नई
बदले बरखा की रिमझिम
बदलेंगी रितुएं अदा
पर मैं रहूँगी सदा उसी तरह
तेरी बाँहों में बाँहें डालके
हर लम्हा हर पल

ज़िंदगी सितार हो गई
रिमझिम मल्हार हो गई
मुझे आता नहीं किस्मत पे अपनी यकीं
कैसे मुझको मिली तुम

गायक – बैनी दयाल / श्रेया घोषाल
गीतकार – प्रसून जोशी
संगीत – ए आर रहमान

Wednesday, September 17, 2008

ये तुम्हारी मेरी बातें - Rock On!!

ये तुम्हारी मेरी बातें हमेशा यूँ ही चलती रहें
ये हमारी मुलाकातें हमेशा यूँ ही चलती रहें
बीते यूँ ही अपने सारे दिन रात
बातों से निकलते रही नई बात
फिर वही बातें लेके गीत कोई हम लिखें
जो दिल को हाँ सब के दिल को छू ले
बातें सुरों में यूँ ही पिघलती रहें
बातें गीतों में यूँ ही ढलती रहें

गीतों में हाँ हमको खुशियों से हम सजा दें
जो सुने वो कहे हमसे गाओ न
ये तुम्हारी मेरी बातें हमेशा यूँ ही चलती रहें
ये हमारी मुलाकातें हमेशा यूँ ही चलती रहें
बीते यूँ ही अपने सारे दिन रात
बातों से निकलते रही नई बात
फिर वही बातें लेके गीत कोई हम लिखें
जो दिल को हाँ सब के दिल को छू ले
बातें सुरों में यूँ ही पिघलती रहें
बातें गीतों में यूँ ही ढलती रहें

गायक – डोमिनीक केरेयो
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – शंकर, एहसान, लॉय

फिर देखिए - Rock On!!

आँखों में जिस के कोई तो ख़्वाब है
खुश है वही जो थोड़ा बेताब है
ज़िंदगी में कोई आरज़ू कीजिए
फिर देखिए...

होंठों पे जिसके कोई तो गीत है
वो हारे भी तो उस की ही जीत है
दिल में जो गीत है गुनगुना लीजिए
फिर देखिए...

यादों में जिस के किसी का नाम है
सपनों के जैसी उस की हर शाम है
कोई तो हो जिसे अपना दिल दीजिए
फिर देखिए...

ख़्वाब बुनिए ज़रा गीत सुनिए ज़रा फूल चुनिए ज़रा
फिर देखिए...

गायक - कारालिसा मोंटीरो
गीतकार - जावेद अख़्तर
संगीत - शंकर, एहसान, लॉय

Tuesday, September 16, 2008

पिछले सात दिनों में - Rock On!!

मेरी laundry का इक bill
इक आधी पढ़ी novel

इक लड़की का phone number
मेरे काम का इक paper

मेरे ताश से heart का king
मेरा इक चांदी का ring

पिछले सात दिनों में मैंने खोया
कभी ख़ुद पे हँसा मैं और कभी ख़ुद पे रोया

Present मिली इक घड़ी
प्यारी थी मुझे बड़ी

Mary-Jane का इक packet
मेरी denim की jacket

दो one-day match के passes
मेरे नए नए sunglasses

पिछले सात दिनों में मैंने खोया
कभी ख़ुद पे हँसा मैं और कभी ख़ुद पे रोया

कैसे भूलूँ सातवाँ जो दिन आया
किसी ने तुमसे इक party में मिलवाया
कैसा पल था जिस पल मैंने तुमको पहली बार देखा था
हम जो मिले पहली बार
मैंने जाना क्या है प्यार
मैंने होश भी खोया दिल भी खोया
कभी ख़ुद पे हँसा मैं और कभी ख़ुद पे रोया
मैंने पिछले सात दिनों में ये सब है खोया

मेरी laundry का इक bill
इक आधी पढ़ी novel

इक लड़की का phone number
मेरे काम का इक paper

मेरी laundry का इक bill
इक आधी पढ़ी novel

इक लड़की का phone number
मेरे काम का इक paper

हम जो मिले पहली बार
मैंने जाना क्या है प्यार
मैंने होश भी खोया दिल भी खोया
कभी ख़ुद पे हँसा मैं और कभी ख़ुद पे रोया
मैंने पिछले सात दिनों में ये सब है खोया

गायक – फ़रहान अख़्तर
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – शंकर, एहसान, लॉय

तुम हो तो - Rock On!!

तुम हो तो गाता है दिल
तुम नहीं तो गीत कहां
तुम हो तो है सब हासिल
तुम नहीं तो क्या है यहां
तुम हो तो है सपनों के जैसा हसीं इक समां
जो तुम हो तो लगता है कि मिल गई हर खुशी
जो तुम न हो तो लगता है कि हर ख़ुशी में है कमी
तुमको है मांगती ये ज़िंदगी

तुम हो तो राहें भी हैं
तुम नहीं तो रस्ते कहां
तुम हो तो यहां सब ही है
तुम नहीं तो कौन यहां
तुम हो तो है हर एक पल मेहरबां ये जहाँ
जो तुम हो तो हवा में भी महब्बतों का रंग है
जो तुम न हो तो फिर कोई न जोश न उमंग है
तुम मिले तो मिली ये ज़िंदगी


गायक – फ़रहान अख़्तर
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – शंकर, एहसान, लॉय

Sunday, June 8, 2008

पहली नज़र में - रेस

पहली नज़र में कैसा जादू कर दिया
तेरा बन बैठा है मेरा जिया
जाने क्या होगा क्या होगा क्या पता
इस पल को मिल के आ जी लें ज़रा
मैं हूँ यहाँ तू है यहाँ मेरी बाँहों में आ आ भी जा
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा

Baby I love you, baby I love you, baby I love you, baby I love you so
Baby I love you, O I love you, I love you so baby I love you

हर दुआ में शामिल तेरा प्यार है
बिन तेरे लम्हा भी दुश्वार है
धड़कनों को तुझसे ही दरकार है
तुझसे राहतें तुझसे चाहतें
तू जो मिली इक दिन मुझे
मैं कहीं हो गया लापता
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा


कर दिया दीवाना दर्द-ए-ख़ास ने
चैन छीना इश्क के एहसास ने
बेख़्याली दी है तेरी प्यास ने
छाया सुरूर है कुछ तो ज़रूर है
ये दूरियां जीने ने दें
हाल मेरा तुझे न पता
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा

Baby I love you, baby I love you, baby I love you, baby I love you so
Baby I love you, O I love you, baby I love you, I love you

गायक – आतिफ़ असलम
गीतकार – समीर
संगीत – प्रीतम

Friday, June 6, 2008

या रब्बा - सलाम-ए-इश्क

प्यार है या सज़ा ऐ मेरे दिल बता
टूटता क्यों नहीं दर्द का सिलसिला
इस प्यार में हो कैसे कैसे इम्तिहां
ये प्यार लिखे कैसी कैसी दास्तां
या रब्बा दे दे कोई जान भी अगर
दिलबर पे हो न दिलबर पे हो न कोई असर



कैसा है सफ़र वफ़ा की मंज़िल का
न है कोई हल दिलों की मुश्किल का
धड़कन धड़कन बिखरी रंजिशें
सांसें सांसें टूटी बंदिशें
कहीं हर लम्हा होंटों पे फ़रियाद है
किसी की दुनिया चाहत में बर्बाद है
या रब्बा ...


कोई न सुने सिसकती आहों को
कोई न धरे तड़पती बांहों को
आधी आधी पूरी ख़्वाहिशें
टूटी फूटी सब फ़रमाइशें
कहीं शक है कहीं नफ़रत की दीवार है
कहीं जीत में भी शामिल पल पल हार है
या रब्बा ...

न पूछो दर्दमंदों से हंसी कैसी ख़ुशी कैसी
मुसीबत सर पे रहती है कभी कैसी कभी कैसी
हो रब्बा रब्बा रब्बा हो रब्बा

गायक – कैलाश खेर
गीतकार – समीर
संगीत – शंकर, ऐहसान, लॉय

Thursday, April 24, 2008

दर्द-ए-डिस्को - ओम शांति ओम

वो हसीना वो नीलमपरी
कर गई कैसी जादूगरी
नींद इन आँखों से छीन ली है
दिल में बेचैनियां हैं भरी
मैं बेचारा हूँ आवारा भोला
समझाऊँ मैं ये अब किस किस को
दिल में मेरे है दिल में मेरे है दर्द-ए दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दिल में मेरे है दर्द-ए दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दर्द-ए डिस्को


फ़स्ल-ए ग़ुल थी ग़ुलपोशियों का मौसम था
हम पर कभी सरग़ोशियों का मौसम था ।।
कैसा जुनूं ख़्वाबों की अंजुमन में था
क्या मैं कहूँ क्या मेरे बांकपन में था
रंजिश का चला था गुब्बारा
फूटा जो ख़्वाब का गुब्बारा
तो फिरता हूँ मैं लंडन पेरिस
न्यूयॉर्क एल ए सैन फ्रैंसिस्को
दिल में मेरे है दिल में मेरे है दर्द-ए दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दिल में मेरे है दर्द-ए दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दर्द-ए डिस्को
Dard-e-disco come on now let’s go

लम्हा लम्हा अरमानों की फ़रमाईश थी
लम्हा लम्हा जुर्रअत की आज़माईश थी
अब्र-ए करम घिर घिर के मुझ पे बरसा था
अब्र-ए करम बरसा तो कब मैं तरसा था
फ़िर तू न हुआ मंज़र मेरा
वो मेरा सनम दिलबर मेरा
दिल तोड़ गया मुझे छोड़ गया
वो पिछले महीने की छब्बिस को

गायक – सुखविंदर
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – विशाल-शेखर

Friday, March 7, 2008

आओगे जब तुम - जब वी मेट

आओगे जब तुम साजना
अंगना फूल खिलेंगे
बरसेगा सावन बरसेगा सावन झूम झूम के
दो दिल ऐसे मिलेंगे

नैना तेरे कजरारे हैं
नैनों पे हम दिल हारे हैं
अंजाने ही तेरे नैनों ने
वादे किए कई सारे हैं
साँसों की लय मद्धम चले
तोसे कहे
बरसेगा सावन बरसेगा सावन झूम झूम के
दो दिल ऐसे मिलेंगे

चँदा को ताकूँ रातों में
है ज़िंदगी तेरे हाथों में
पलकों पर झिलमिल तारे हैं
आना भरी बरसातों में
सपनों का जहां
होगा खिला खिला
बरसेगा सावन बरसेगा सावन झूम झूम के
दो दिल ऐसे मिलेंगे

गायक – उस्ताद राशिद खान

मैं अगर कहूँ - ओम शांति ओम

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
किसी ज़बान में वो लफ़्ज़ ही नहीं
कि जिनमें तुम हो क्या तुम्हें बता सकूँ
मैं अगर कहूँ तुमसा हसीं
कायनात में नहीं है कहीं
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं


शोखियों में डूबी ये अदाएं
चेहरे से झलकी हुई है
ज़ुल्फ़ की घनी घनी घटाएं
शाने से ढलकी हुई है
लहराता आँचल है जैसे बादल
बाहों में भरी है जैसे चाँदनी
रूप की चाँदनी
मैं अगर कहूँ ये दिलकशी
है नहीं कहीं न होगी कभी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं

तुम हुए मेहरबां तो है ये दास्तां
अब तुम्हारा मेरा एक है कारवां
तुम जहां मैं वहां
मैं अगर कहूँ हमसफ़र मेरी
अप्सरा हो तुम या कोई परी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं

गायक – सोनू निगम
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – विशाल-शेखर

Monday, December 31, 2007

अजब सी - ओम शांति ओम

आँखों में तेरी अजब सी अजब सी अदाएं हैं
दिल को बना दे जो पतंग साँसें ये तेरी वो हवाएं हैं

आई ऐसी रात है जो बहुत खु़शनसीब है
चाहे जिसे दूर से दुनिया वो मेरे करीब है
कितना कुछ कहना है फिर भी है दिल में सवाल कहीं
सपनों में जो रोज़ कहा है वो फिर से कहूँ या नहीं

तेरे साथ साथ ऐसा कोई नूर आया है
चाँद तेरी रोशनी का हल्का सा इक साया है
तेरी नज़रों ने दिल का किया जो हशर असर ये हुआ
अब इनमें ही डूब के हो जाऊँ पार यही है दुआ

गायक – के के
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – विशाल-शेखर

Sunday, December 30, 2007

तुम से ही - जब वी मेट

न है ये पाना न खोना ही है
तेरा न होना जाने क्यूँ होना ही है
तुमसे ही दिन होता है सुरमई शाम आती है
तुमसे ही तुमसे ही
हर घड़ी साँस आती है ज़िंदगी कहलाती है
तुमसे ही तुमसे ही

आँखों मे आँखें तेरी बाहों में बाहें तेरी
मेरा न मुझमे कुछ रहा हुआ क्या
बातों में बातें तेरी रातें सौगातें तेरी
क्यूँ तेरा सब ये हो गया हुआ क्या
मै कहीं भी जाता तुमसे ही मिल जाता हूँ
तुमसे ही तुमसे ही
शोर में खा़मोशी है थोड़ी सी बेहोशी है
तुमसे ही तुमसे ही

आधा सा वादा कभी आधे से ज़्यादा कभी
जी चाहे कर लूँ इस तरह वफ़ा का
छोडे़ न छूटे कभी तोड़े न टूटे कभी
जो धागा तुमसे जुड़ गया वफ़ा का
मै तेरा सरमाया हूँ जो भी मैं बन पाया हूँ
तुमसे ही तुमसे ही
रास्ते मिल जाते हैं मंज़िलें मिल जाती हैं
तुमसे ही तुमसे ही

न है ये पाना न खोना ही है
तेरा न होना जाने क्यूँ होना ही है

गायक – मोहित चौहान
संगीत – प्रीतम
गीतकार – इरशाद कामिल