आँखों में तेरी अजब सी अजब सी अदाएं हैं
दिल को बना दे जो पतंग साँसें ये तेरी वो हवाएं हैं
आई ऐसी रात है जो बहुत खु़शनसीब है
चाहे जिसे दूर से दुनिया वो मेरे करीब है
कितना कुछ कहना है फिर भी है दिल में सवाल कहीं
सपनों में जो रोज़ कहा है वो फिर से कहूँ या नहीं
तेरे साथ साथ ऐसा कोई नूर आया है
चाँद तेरी रोशनी का हल्का सा इक साया है
तेरी नज़रों ने दिल का किया जो हशर असर ये हुआ
अब इनमें ही डूब के हो जाऊँ पार यही है दुआ
गायक – के के
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – विशाल-शेखर
Monday, December 31, 2007
Sunday, December 30, 2007
तुम से ही - जब वी मेट
न है ये पाना न खोना ही है
तेरा न होना जाने क्यूँ होना ही है
तुमसे ही दिन होता है सुरमई शाम आती है
तुमसे ही तुमसे ही
हर घड़ी साँस आती है ज़िंदगी कहलाती है
तुमसे ही तुमसे ही
आँखों मे आँखें तेरी बाहों में बाहें तेरी
मेरा न मुझमे कुछ रहा हुआ क्या
बातों में बातें तेरी रातें सौगातें तेरी
क्यूँ तेरा सब ये हो गया हुआ क्या
मै कहीं भी जाता तुमसे ही मिल जाता हूँ
तुमसे ही तुमसे ही
शोर में खा़मोशी है थोड़ी सी बेहोशी है
तुमसे ही तुमसे ही
आधा सा वादा कभी आधे से ज़्यादा कभी
जी चाहे कर लूँ इस तरह वफ़ा का
छोडे़ न छूटे कभी तोड़े न टूटे कभी
जो धागा तुमसे जुड़ गया वफ़ा का
मै तेरा सरमाया हूँ जो भी मैं बन पाया हूँ
तुमसे ही तुमसे ही
रास्ते मिल जाते हैं मंज़िलें मिल जाती हैं
तुमसे ही तुमसे ही
न है ये पाना न खोना ही है
तेरा न होना जाने क्यूँ होना ही है
गायक – मोहित चौहान
संगीत – प्रीतम
गीतकार – इरशाद कामिल
तेरा न होना जाने क्यूँ होना ही है
तुमसे ही दिन होता है सुरमई शाम आती है
तुमसे ही तुमसे ही
हर घड़ी साँस आती है ज़िंदगी कहलाती है
तुमसे ही तुमसे ही
आँखों मे आँखें तेरी बाहों में बाहें तेरी
मेरा न मुझमे कुछ रहा हुआ क्या
बातों में बातें तेरी रातें सौगातें तेरी
क्यूँ तेरा सब ये हो गया हुआ क्या
मै कहीं भी जाता तुमसे ही मिल जाता हूँ
तुमसे ही तुमसे ही
शोर में खा़मोशी है थोड़ी सी बेहोशी है
तुमसे ही तुमसे ही
आधा सा वादा कभी आधे से ज़्यादा कभी
जी चाहे कर लूँ इस तरह वफ़ा का
छोडे़ न छूटे कभी तोड़े न टूटे कभी
जो धागा तुमसे जुड़ गया वफ़ा का
मै तेरा सरमाया हूँ जो भी मैं बन पाया हूँ
तुमसे ही तुमसे ही
रास्ते मिल जाते हैं मंज़िलें मिल जाती हैं
तुमसे ही तुमसे ही
न है ये पाना न खोना ही है
तेरा न होना जाने क्यूँ होना ही है
गायक – मोहित चौहान
संगीत – प्रीतम
गीतकार – इरशाद कामिल
Wednesday, November 7, 2007
रंग दे बसंती - रंग दे बसंती
थोड़ी सी धूल मेरी धरती की मेरे वतन की
थोड़ी सी ख़ुश्बू बौराई सी मस्त पवन की
थोड़ी सी झोंकने वाली धक धक धक धक धक धक साँसें
जिन में हो जुनूं जुनूं वो बूँदें लाल लहू की
ये सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले
और मोहे तू रंग दे बसंती यारा मोहे तू रंग दे बसंती
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती मोहे मोहे तू रंग दे बसंती
सपने रंग दे, अपने रंग दे
खुशियां रंग दे, ग़म भी रंग दे
नस्लें रंग दे, फ़सलें रंग दे
रंग दे धड़कन, रंग दे सरगम
रंग दे सूरज, रंग दे दर्पण
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा मोहे तू रंग दे बसंती
धीमी आँच पे तू ज़रा इश्क चढा
थोड़े झरने ला, थोड़ी नदी मिला
थोड़ा सागर ले, थोड़ी गागर ले
थोड़ा छिड़क छिड़क, थोड़ा हिला हिला
फिर एक रंग तू खिला खिला
बस्ती रंग दे, हस्ती रंग दे
हंस हंस रंग दे, नस नस रंग दे
बचपन रंग दे, जोबन रंग दे
अब देर न कर सचमुच रंग दे
रंगरेज़ मेरे सब कुछ रंग दे
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा
गायक - दलेर मेंहदी, चित्रा
गीतकार - प्रसून जोशी
संगीत - ए आर रहमान
थोड़ी सी ख़ुश्बू बौराई सी मस्त पवन की
थोड़ी सी झोंकने वाली धक धक धक धक धक धक साँसें
जिन में हो जुनूं जुनूं वो बूँदें लाल लहू की
ये सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले
और मोहे तू रंग दे बसंती यारा मोहे तू रंग दे बसंती
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती मोहे मोहे तू रंग दे बसंती
सपने रंग दे, अपने रंग दे
खुशियां रंग दे, ग़म भी रंग दे
नस्लें रंग दे, फ़सलें रंग दे
रंग दे धड़कन, रंग दे सरगम
रंग दे सूरज, रंग दे दर्पण
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा मोहे तू रंग दे बसंती
धीमी आँच पे तू ज़रा इश्क चढा
थोड़े झरने ला, थोड़ी नदी मिला
थोड़ा सागर ले, थोड़ी गागर ले
थोड़ा छिड़क छिड़क, थोड़ा हिला हिला
फिर एक रंग तू खिला खिला
बस्ती रंग दे, हस्ती रंग दे
हंस हंस रंग दे, नस नस रंग दे
बचपन रंग दे, जोबन रंग दे
अब देर न कर सचमुच रंग दे
रंगरेज़ मेरे सब कुछ रंग दे
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा
गायक - दलेर मेंहदी, चित्रा
गीतकार - प्रसून जोशी
संगीत - ए आर रहमान
Monday, October 22, 2007
कजरारे - बंटी और बबली
ऐसी नज़र से देखा उस ज़ालिम ने चौंक पर
हमने कलेजा रख दिया चाकू की नोक पर
वाह वाह कमाल हो गया ओए रायता फैल गया
धिन तिनक धिन... ... ...
मेरा चैन वैन सब उजड़ा ज़ालिम नज़र हटा ले
बर्बाद हो रहे हैं जी तेरे अपने शहर वाले
हो... मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैना जुड़वा नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
सुरमे से लिखे तेरे वादे आँखों की ज़बानी आते हैं हाय
मेरे रूमालों पर लब तेरे बाँध के निशानी जाते हैं
हो तेरी बातो में किमाम की ख़ुश्बू है
तेरा आना भी गर्मियों की लू है
आजा टूटे न टूटे न अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैनों मे छुप के रहना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
आँखे भी कमाल करती हैं पर्सनल से सवाल करती हैं हाय
पलकों को उठाती भी नहीं परदे का ख़्याल करती हैं
हो मेरा ग़म तो किसी से भी छुपता नहीं
दर्द होता है दर्द जब चुभता नहीं
आजा टूटे न टूटे न अगड़ाई
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना हमें डसते हैं तेरे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तुझसे मिलना पुरानी दिल्ली में
छोड़ आए निशानी दिल्ली में
बल्लीमारां से दरीबे तलक
तेरी मेरी कहानी दिल्ली में
हो हो काली कमली वाले को याद करके
तेरे काले काले नैनों की कसम खाते हैं
हो तेरे काले काले नैनों की बलाएं ले लूँ
तेरे काले काले नैनों को दुआएं दे दूँ
मेरी जान उदास है होंठों पे प्यास है
आजा रे आजा रे आजा रे
ओ तेरी बातों में किमाम की ख़ुश्बू है
ओ तेरा आना भी गर्मियों की लू है
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना
कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे मेरे कारे कारे नैना
गायक – अलीशा चिनाय, शंकर महादेवन
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – शंकर एहसान लॉय
हमने कलेजा रख दिया चाकू की नोक पर
वाह वाह कमाल हो गया ओए रायता फैल गया
धिन तिनक धिन... ... ...
मेरा चैन वैन सब उजड़ा ज़ालिम नज़र हटा ले
बर्बाद हो रहे हैं जी तेरे अपने शहर वाले
हो... मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैना जुड़वा नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
सुरमे से लिखे तेरे वादे आँखों की ज़बानी आते हैं हाय
मेरे रूमालों पर लब तेरे बाँध के निशानी जाते हैं
हो तेरी बातो में किमाम की ख़ुश्बू है
तेरा आना भी गर्मियों की लू है
आजा टूटे न टूटे न अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैनों मे छुप के रहना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
आँखे भी कमाल करती हैं पर्सनल से सवाल करती हैं हाय
पलकों को उठाती भी नहीं परदे का ख़्याल करती हैं
हो मेरा ग़म तो किसी से भी छुपता नहीं
दर्द होता है दर्द जब चुभता नहीं
आजा टूटे न टूटे न अगड़ाई
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना हमें डसते हैं तेरे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तुझसे मिलना पुरानी दिल्ली में
छोड़ आए निशानी दिल्ली में
बल्लीमारां से दरीबे तलक
तेरी मेरी कहानी दिल्ली में
हो हो काली कमली वाले को याद करके
तेरे काले काले नैनों की कसम खाते हैं
हो तेरे काले काले नैनों की बलाएं ले लूँ
तेरे काले काले नैनों को दुआएं दे दूँ
मेरी जान उदास है होंठों पे प्यास है
आजा रे आजा रे आजा रे
ओ तेरी बातों में किमाम की ख़ुश्बू है
ओ तेरा आना भी गर्मियों की लू है
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना
कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे मेरे कारे कारे नैना
गायक – अलीशा चिनाय, शंकर महादेवन
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – शंकर एहसान लॉय
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Friday, October 5, 2007
वो लम्हें वो बातें - ज़हर
वो लम्हें वो बातें कोई न जाने
थी कैसी रातें बरसातें
वो भीगी भीगी यादें वो भीगी भीगी यादें
न मैं जानूं न तू जाने
कैसा है ये मौसम कोई न जाने
कहीं से ये ख़िज़ा आई
ग़मों की धूप संग लाई
खफ़ा हो गए हम जुदा हो गए हम
सागर की गहराई से गहरा है अपना प्यार
सहराओं की इन हवाओं में कैसे आएगी बहार
कहां से ये हवा आई
घटाएं काली क्यूं छाईं
खफ़ा हो गए हम जुदा हो गए हम
गायक – अतीफ़ असलम
गीतकार – सईद क़ादरी
थी कैसी रातें बरसातें
वो भीगी भीगी यादें वो भीगी भीगी यादें
न मैं जानूं न तू जाने
कैसा है ये मौसम कोई न जाने
कहीं से ये ख़िज़ा आई
ग़मों की धूप संग लाई
खफ़ा हो गए हम जुदा हो गए हम
सागर की गहराई से गहरा है अपना प्यार
सहराओं की इन हवाओं में कैसे आएगी बहार
कहां से ये हवा आई
घटाएं काली क्यूं छाईं
खफ़ा हो गए हम जुदा हो गए हम
गायक – अतीफ़ असलम
गीतकार – सईद क़ादरी
Friday, July 27, 2007
आँखों में रहते हैं - अनकही
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
दिल भूले नहीं क्यों बीते पल कोई यहां करे भी तो क्या
टूटे हैं अरमां सपने भी कैसे इन्हें सदा दूं मैं
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
क्या ज़िंदगी है पूछो न लेती सदा नए इम्तिहां
ये इश्क भी है इक सज़ा कैसे तुझे बताऊँ मैं
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
गायक – शान, कुणाल गांजावाला
गीतकार – समीर
संगीत - प्रीतम
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
दिल भूले नहीं क्यों बीते पल कोई यहां करे भी तो क्या
टूटे हैं अरमां सपने भी कैसे इन्हें सदा दूं मैं
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
क्या ज़िंदगी है पूछो न लेती सदा नए इम्तिहां
ये इश्क भी है इक सज़ा कैसे तुझे बताऊँ मैं
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
गायक – शान, कुणाल गांजावाला
गीतकार – समीर
संगीत - प्रीतम
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Thursday, July 26, 2007
सूना सूना लम्हा लम्हा - कृष्णा कॉटेज
सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा
आकर मुझे तुम थाम लो मंज़िल तेरी देखे रस्ता
मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा
बिछड़े भी हम जो कभी रास्तों में तो संग संग रहूंगी सदा
कदमों की आवाज़ सुनके चलूंगी तुम्हें ढूँढ लूंगी सदा
भूली मुहब्बत की ये ख़ुश्बुएं हैं हवाओं में फैली हुईं
छू कर मुझे आज महसूस कर लो है यादें मेरी अनछुई
ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा
मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
यादों के धागों में हम तुम बंधे हैं ज़रा डोर तुम थाम लो
बाहों में फिर से पिघल जाने दो मुझको फिर से मेरा नाम लो
मैं वो शमा हूँ जो रोशन तुम्हें करके ख़ुद तो पिघल जाऊँगी
सुबह का सूरज तुम्हारे लिए है मैं हूँ रात ढल जाऊँगी
ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा
मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
गायक – श्रेया घोषाल
गीतकार – नीलेश मिश्रा
संगीत – अनु मलिक
आकर मुझे तुम थाम लो मंज़िल तेरी देखे रस्ता
मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा
बिछड़े भी हम जो कभी रास्तों में तो संग संग रहूंगी सदा
कदमों की आवाज़ सुनके चलूंगी तुम्हें ढूँढ लूंगी सदा
भूली मुहब्बत की ये ख़ुश्बुएं हैं हवाओं में फैली हुईं
छू कर मुझे आज महसूस कर लो है यादें मेरी अनछुई
ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा
मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
यादों के धागों में हम तुम बंधे हैं ज़रा डोर तुम थाम लो
बाहों में फिर से पिघल जाने दो मुझको फिर से मेरा नाम लो
मैं वो शमा हूँ जो रोशन तुम्हें करके ख़ुद तो पिघल जाऊँगी
सुबह का सूरज तुम्हारे लिए है मैं हूँ रात ढल जाऊँगी
ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा
मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो
बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।
गायक – श्रेया घोषाल
गीतकार – नीलेश मिश्रा
संगीत – अनु मलिक
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Sunday, June 10, 2007
अल्लाह के बन्दे - वैसा भी होता है पार्ट II
टूटा टूटा एक परिन्दा ऐसे टूटा कि फिर जुड़ न पाया
लूटा लूटा किसने उसको ऐसे लूटा कि फिर उड़ न पाया
गिरता हुआ वो आसमां से आकर गिरा ज़मीन पर
ख्वाबों में फिर भी बादल ही थे वो कहता रहा मगर के
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
खोके अपने पर ही तो उसने था उड़ना सीखा
गम को अपने साथ में ले ले दर्द भी तेरे काम आएगा
अल्लाह के बंन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
टुकड़े टुकड़े हो गया था हर सपना जब वो टूटा
बिखरे टुकड़ों में अल्लाह की मर्ज़ी का मंज़र पाएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
गायक – कैलाश खेर
लूटा लूटा किसने उसको ऐसे लूटा कि फिर उड़ न पाया
गिरता हुआ वो आसमां से आकर गिरा ज़मीन पर
ख्वाबों में फिर भी बादल ही थे वो कहता रहा मगर के
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
खोके अपने पर ही तो उसने था उड़ना सीखा
गम को अपने साथ में ले ले दर्द भी तेरे काम आएगा
अल्लाह के बंन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
टुकड़े टुकड़े हो गया था हर सपना जब वो टूटा
बिखरे टुकड़ों में अल्लाह की मर्ज़ी का मंज़र पाएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
गायक – कैलाश खेर
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Kailash Kher,
Waisa Bhi Hota Hai Part II,
कैलाश खेर
Wednesday, June 6, 2007
मैंने दिल से कहा - रोग
मैंने दिल से कहा ढूँढ लाना ख़ुशी
नासमझ लाया ग़म तो ये ग़म ही सही
बेचारा कहां जानता है ख़लिश है ये क्या ख़ला है
शहर भर की खुशी से ये दर्द मेरा भला है
जश्न ये रास ने आए मज़ा तो बस ग़म में आए
कभी है इश़्क का उजाला कभी है मौत का अंधेरा
बताओ कौन भेस होगा मैं जोगी बनूं या लुटेरा
कई चेहरे हैं इस दिल के न जाने कौन सा मेरा
हज़ारों ऐसे फासले थे जो तय करने चले थे
राहें मगर चल पड़ी थीं और पीछे हम रह गए थे
कदम दो चार चल पाएं किए फेरे तेरे मन के
गायक – के के
गीतकार – नीलेश मिश्रा
संगीत – एम एम करीम
नासमझ लाया ग़म तो ये ग़म ही सही
बेचारा कहां जानता है ख़लिश है ये क्या ख़ला है
शहर भर की खुशी से ये दर्द मेरा भला है
जश्न ये रास ने आए मज़ा तो बस ग़म में आए
कभी है इश़्क का उजाला कभी है मौत का अंधेरा
बताओ कौन भेस होगा मैं जोगी बनूं या लुटेरा
कई चेहरे हैं इस दिल के न जाने कौन सा मेरा
हज़ारों ऐसे फासले थे जो तय करने चले थे
राहें मगर चल पड़ी थीं और पीछे हम रह गए थे
कदम दो चार चल पाएं किए फेरे तेरे मन के
गायक – के के
गीतकार – नीलेश मिश्रा
संगीत – एम एम करीम
Monday, June 4, 2007
जागे हैं - गुरू
जागे हैं देर तक हमें कुछ देर सोने दो
थोड़ी सी रात और है सुबह तो होने दो
आधे-अधूरे ख़्वाब जो पूरे न हो सके
इक बार फिर से नींद में वो ख़्वाब बोने दो
गायक – चित्रा, ए आर रहमान
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – ए आर रहमान
थोड़ी सी रात और है सुबह तो होने दो
आधे-अधूरे ख़्वाब जो पूरे न हो सके
इक बार फिर से नींद में वो ख़्वाब बोने दो
गायक – चित्रा, ए आर रहमान
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – ए आर रहमान
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