आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
दिल भूले नहीं क्यों बीते पल कोई यहां करे भी तो क्या
टूटे हैं अरमां सपने भी कैसे इन्हें सदा दूं मैं
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
क्या ज़िंदगी है पूछो न लेती सदा नए इम्तिहां
ये इश्क भी है इक सज़ा कैसे तुझे बताऊँ मैं
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
गायक – शान, कुणाल गांजावाला
गीतकार – समीर
संगीत - प्रीतम
Showing posts with label शान. Show all posts
Showing posts with label शान. Show all posts
Friday, July 27, 2007
आँखों में रहते हैं - अनकही
Labels:
Kunal Ganjawala,
Pritam,
Sameer,
Shaan,
अनकही,
कुणाल गांजावाला,
प्रीतम,
शान,
समीर
Sunday, April 15, 2007
नाम अदा लिखना - यहाँ
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग हिना लिखना
गोरे बदन पे उंगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आओ न आओ न जेहलम में बह लेंगे
वादी के मौसम भी इक दिन तो बदलेंगे
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आऊं तो सुबह जाऊं तो मेरा नाम सबा लिखना
बर्फ़ पड़े तो बर्फ़ पे मेरा नाम तू आ लिखना
ज़रा ज़रा आग वाग पास रहती है
ज़रा ज़रा कांगड़ी की आँच रहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
(fade in) शामें बुझाते आती है रातें
रातें बुझाने तुम आ गए हो
जब तुम हँसते हो दिन हो जाता है
तुम गले लगो तो फिर सो जाता है
डोली उठाए आएगा दिन तो पास बिठा लेना
कल जो मिले तो माथे पे मेरे सूरज उगा देना
ज़रा ज़रा आस पास पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
ज़रा ज़रा आस पास पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग हिना लिखना
गोरे बदन पे उंगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
गायक – श्रेया घोषाल, शान
संगीतकार – शांतनु मोइत्रा
गीतकार – ग़ुलज़ार
गोरे बदन पे उंगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आओ न आओ न जेहलम में बह लेंगे
वादी के मौसम भी इक दिन तो बदलेंगे
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आऊं तो सुबह जाऊं तो मेरा नाम सबा लिखना
बर्फ़ पड़े तो बर्फ़ पे मेरा नाम तू आ लिखना
ज़रा ज़रा आग वाग पास रहती है
ज़रा ज़रा कांगड़ी की आँच रहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
(fade in) शामें बुझाते आती है रातें
रातें बुझाने तुम आ गए हो
जब तुम हँसते हो दिन हो जाता है
तुम गले लगो तो फिर सो जाता है
डोली उठाए आएगा दिन तो पास बिठा लेना
कल जो मिले तो माथे पे मेरे सूरज उगा देना
ज़रा ज़रा आस पास पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
ज़रा ज़रा आस पास पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग हिना लिखना
गोरे बदन पे उंगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
गायक – श्रेया घोषाल, शान
संगीतकार – शांतनु मोइत्रा
गीतकार – ग़ुलज़ार
Labels:
Gulzar,
Shaan,
Shreya Ghoshal,
Yahaan,
गुलज़ार,
यहाँ,
शान,
श्रेया घोषाल
Subscribe to:
Posts (Atom)
