ऐसी नज़र से देखा उस ज़ालिम ने चौंक पर
हमने कलेजा रख दिया चाकू की नोक पर
वाह वाह कमाल हो गया ओए रायता फैल गया
धिन तिनक धिन... ... ...
मेरा चैन वैन सब उजड़ा ज़ालिम नज़र हटा ले
बर्बाद हो रहे हैं जी तेरे अपने शहर वाले
हो... मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैना जुड़वा नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
सुरमे से लिखे तेरे वादे आँखों की ज़बानी आते हैं हाय
मेरे रूमालों पर लब तेरे बाँध के निशानी जाते हैं
हो तेरी बातो में किमाम की ख़ुश्बू है
तेरा आना भी गर्मियों की लू है
आजा टूटे न टूटे न अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैनों मे छुप के रहना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
आँखे भी कमाल करती हैं पर्सनल से सवाल करती हैं हाय
पलकों को उठाती भी नहीं परदे का ख़्याल करती हैं
हो मेरा ग़म तो किसी से भी छुपता नहीं
दर्द होता है दर्द जब चुभता नहीं
आजा टूटे न टूटे न अगड़ाई
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना हमें डसते हैं तेरे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तुझसे मिलना पुरानी दिल्ली में
छोड़ आए निशानी दिल्ली में
बल्लीमारां से दरीबे तलक
तेरी मेरी कहानी दिल्ली में
हो हो काली कमली वाले को याद करके
तेरे काले काले नैनों की कसम खाते हैं
हो तेरे काले काले नैनों की बलाएं ले लूँ
तेरे काले काले नैनों को दुआएं दे दूँ
मेरी जान उदास है होंठों पे प्यास है
आजा रे आजा रे आजा रे
ओ तेरी बातों में किमाम की ख़ुश्बू है
ओ तेरा आना भी गर्मियों की लू है
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना
कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे मेरे कारे कारे नैना
गायक – अलीशा चिनाय, शंकर महादेवन
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – शंकर एहसान लॉय
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Monday, October 22, 2007
Monday, June 4, 2007
जागे हैं - गुरू
जागे हैं देर तक हमें कुछ देर सोने दो
थोड़ी सी रात और है सुबह तो होने दो
आधे-अधूरे ख़्वाब जो पूरे न हो सके
इक बार फिर से नींद में वो ख़्वाब बोने दो
गायक – चित्रा, ए आर रहमान
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – ए आर रहमान
थोड़ी सी रात और है सुबह तो होने दो
आधे-अधूरे ख़्वाब जो पूरे न हो सके
इक बार फिर से नींद में वो ख़्वाब बोने दो
गायक – चित्रा, ए आर रहमान
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – ए आर रहमान
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Sunday, April 15, 2007
नाम अदा लिखना - यहाँ
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग हिना लिखना
गोरे बदन पे उंगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आओ न आओ न जेहलम में बह लेंगे
वादी के मौसम भी इक दिन तो बदलेंगे
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आऊं तो सुबह जाऊं तो मेरा नाम सबा लिखना
बर्फ़ पड़े तो बर्फ़ पे मेरा नाम तू आ लिखना
ज़रा ज़रा आग वाग पास रहती है
ज़रा ज़रा कांगड़ी की आँच रहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
(fade in) शामें बुझाते आती है रातें
रातें बुझाने तुम आ गए हो
जब तुम हँसते हो दिन हो जाता है
तुम गले लगो तो फिर सो जाता है
डोली उठाए आएगा दिन तो पास बिठा लेना
कल जो मिले तो माथे पे मेरे सूरज उगा देना
ज़रा ज़रा आस पास पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
ज़रा ज़रा आस पास पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग हिना लिखना
गोरे बदन पे उंगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
गायक – श्रेया घोषाल, शान
संगीतकार – शांतनु मोइत्रा
गीतकार – ग़ुलज़ार
गोरे बदन पे उंगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आओ न आओ न जेहलम में बह लेंगे
वादी के मौसम भी इक दिन तो बदलेंगे
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
आऊं तो सुबह जाऊं तो मेरा नाम सबा लिखना
बर्फ़ पड़े तो बर्फ़ पे मेरा नाम तू आ लिखना
ज़रा ज़रा आग वाग पास रहती है
ज़रा ज़रा कांगड़ी की आँच रहती है
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
(fade in) शामें बुझाते आती है रातें
रातें बुझाने तुम आ गए हो
जब तुम हँसते हो दिन हो जाता है
तुम गले लगो तो फिर सो जाता है
डोली उठाए आएगा दिन तो पास बिठा लेना
कल जो मिले तो माथे पे मेरे सूरज उगा देना
ज़रा ज़रा आस पास पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
ज़रा ज़रा आस पास पास धूप रहेगी
ज़रा ज़रा आस पास रंग रहेंगे
पूछे जो कोई मेरी निशानी रंग हिना लिखना
गोरे बदन पे उंगली से मेरा नाम अदा लिखना
कभी कभी आस पास चाँद रहता है
कभी कभी आस पास शाम रहती है
गायक – श्रेया घोषाल, शान
संगीतकार – शांतनु मोइत्रा
गीतकार – ग़ुलज़ार
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