Wednesday, November 7, 2007

रंग दे बसंती - रंग दे बसंती

थोड़ी सी धूल मेरी धरती की मेरे वतन की
थोड़ी सी ख़ुश्बू बौराई सी मस्त पवन की
थोड़ी सी झोंकने वाली धक धक धक धक धक धक साँसें
जिन में हो जुनूं जुनूं वो बूँदें लाल लहू की
ये सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले

और मोहे तू रंग दे बसंती यारा मोहे तू रंग दे बसंती
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती मोहे मोहे तू रंग दे बसंती

सपने रंग दे, अपने रंग दे
खुशियां रंग दे, ग़म भी रंग दे
नस्लें रंग दे, फ़सलें रंग दे
रंग दे धड़कन, रंग दे सरगम
रंग दे सूरज, रंग दे दर्पण
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा मोहे तू रंग दे बसंती


धीमी आँच पे तू ज़रा इश्क चढा
थोड़े झरने ला, थोड़ी नदी मिला
थोड़ा सागर ले, थोड़ी गागर ले
थोड़ा छिड़क छिड़क, थोड़ा हिला हिला
फिर एक रंग तू खिला खिला

बस्ती रंग दे, हस्ती रंग दे
हंस हंस रंग दे, नस नस रंग दे
बचपन रंग दे, जोबन रंग दे
अब देर न कर सचमुच रंग दे
रंगरेज़ मेरे सब कुछ रंग दे

मोहे मोहे तू रंग दे बसंती मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा
गायक - दलेर मेंहदी, चित्रा
गीतकार - प्रसून जोशी
संगीत - ए आर रहमान




Monday, October 22, 2007

कजरारे - बंटी और बबली

ऐसी नज़र से देखा उस ज़ालिम ने चौंक पर
हमने कलेजा रख दिया चाकू की नोक पर

वाह वाह कमाल हो गया ओए रायता फैल गया

धिन तिनक धिन... ... ...

मेरा चैन वैन सब उजड़ा ज़ालिम नज़र हटा ले
बर्बाद हो रहे हैं जी तेरे अपने शहर वाले
हो... मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा

कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैना जुड़वा नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना

सुरमे से लिखे तेरे वादे आँखों की ज़बानी आते हैं हाय
मेरे रूमालों पर लब तेरे बाँध के निशानी जाते हैं
हो तेरी बातो में किमाम की ख़ुश्बू है
तेरा आना भी गर्मियों की लू है
आजा टूटे न टूटे न अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा

कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैनों मे छुप के रहना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना

आँखे भी कमाल करती हैं पर्सनल से सवाल करती हैं हाय
पलकों को उठाती भी नहीं परदे का ख़्याल करती हैं
हो मेरा ग़म तो किसी से भी छुपता नहीं
दर्द होता है दर्द जब चुभता नहीं
आजा टूटे न टूटे न अगड़ाई
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना हमें डसते हैं तेरे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना

हो तुझसे मिलना पुरानी दिल्ली में
छोड़ आए निशानी दिल्ली में
बल्लीमारां से दरीबे तलक
तेरी मेरी कहानी दिल्ली में
हो हो काली कमली वाले को याद करके
तेरे काले काले नैनों की कसम खाते हैं
हो तेरे काले काले नैनों की बलाएं ले लूँ
तेरे काले काले नैनों को दुआएं दे दूँ
मेरी जान उदास है होंठों पे प्यास है
आजा रे आजा रे आजा रे
ओ तेरी बातों में किमाम की ख़ुश्बू है
ओ तेरा आना भी गर्मियों की लू है
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना

कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे मेरे कारे कारे नैना

गायक – अलीशा चिनाय, शंकर महादेवन
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – शंकर एहसान लॉय

Friday, October 5, 2007

वो लम्हें वो बातें - ज़हर

वो लम्हें वो बातें कोई न जाने
थी कैसी रातें बरसातें
वो भीगी भीगी यादें वो भीगी भीगी यादें

न मैं जानूं न तू जाने
कैसा है ये मौसम कोई न जाने
कहीं से ये ख़िज़ा आई
ग़मों की धूप संग लाई
खफ़ा हो गए हम जुदा हो गए हम

सागर की गहराई से गहरा है अपना प्यार
सहराओं की इन हवाओं में कैसे आएगी बहार
कहां से ये हवा आई
घटाएं काली क्यूं छाईं
खफ़ा हो गए हम जुदा हो गए हम

गायक – अतीफ़ असलम
गीतकार – सईद क़ादरी

Friday, July 27, 2007

आँखों में रहते हैं - अनकही

आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई

दिल भूले नहीं क्यों बीते पल कोई यहां करे भी तो क्या
टूटे हैं अरमां सपने भी कैसे इन्हें सदा दूं मैं
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई

क्या ज़िंदगी है पूछो न लेती सदा नए इम्तिहां
ये इश्क भी है इक सज़ा कैसे तुझे बताऊँ मैं
यादों में सजी कुछ बातें अनकही
इन बातों में कहीं खोई है ज़िंदगी
आँखों में अंजाने रहते मंज़र कई
सीने में चुभती है कोई बेबसी नई


गायक – शान, कुणाल गांजावाला
गीतकार – समीर
संगीत - प्रीतम

Thursday, July 26, 2007

सूना सूना लम्हा लम्हा - कृष्णा कॉटेज

सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा
आकर मुझे तुम थाम लो मंज़िल तेरी देखे रस्ता
मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो

बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।

सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा

बिछड़े भी हम जो कभी रास्तों में तो संग संग रहूंगी सदा
कदमों की आवाज़ सुनके चलूंगी तुम्हें ढूँढ लूंगी सदा
भूली मुहब्बत की ये ख़ुश्बुएं हैं हवाओं में फैली हुईं
छू कर मुझे आज महसूस कर लो है यादें मेरी अनछुई
ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो

बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।

सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा

मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो

बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।

यादों के धागों में हम तुम बंधे हैं ज़रा डोर तुम थाम लो
बाहों में फिर से पिघल जाने दो मुझको फिर से मेरा नाम लो
मैं वो शमा हूँ जो रोशन तुम्हें करके ख़ुद तो पिघल जाऊँगी
सुबह का सूरज तुम्हारे लिए है मैं हूँ रात ढल जाऊँगी
ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो

बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।

सूना सूना लम्हा लम्हा मेरी राहें तन्हा तन्हा

मुड़ के ज़रा अब देख लो ऐसा मिलन फिर हो न हो
सब कुछ मेरा तुम ही तो हो

बेपनाह प्यार है आजा
तेरा इंतज़ार है आजा ।।


गायक – श्रेया घोषाल
गीतकार – नीलेश मिश्रा
संगीत – अनु मलिक

Sunday, June 10, 2007

अल्लाह के बन्दे - वैसा भी होता है पार्ट II

टूटा टूटा एक परिन्दा ऐसे टूटा कि फिर जुड़ न पाया
लूटा लूटा किसने उसको ऐसे लूटा कि फिर उड़ न पाया
गिरता हुआ वो आसमां से आकर गिरा ज़मीन पर
ख्वाबों में फिर भी बादल ही थे वो कहता रहा मगर के

अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा

खोके अपने पर ही तो उसने था उड़ना सीखा
गम को अपने साथ में ले ले दर्द भी तेरे काम आएगा
अल्लाह के बंन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा

टुकड़े टुकड़े हो गया था हर सपना जब वो टूटा
बिखरे टुकड़ों में अल्लाह की मर्ज़ी का मंज़र पाएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा
अल्लाह के बन्दे हंस दे अल्लाह के बन्दे अल्लाह के बन्दे हंस दे
जो भी हो कल फिर आएगा

गायक – कैलाश खेर

Wednesday, June 6, 2007

मैंने दिल से कहा - रोग

मैंने दिल से कहा ढूँढ लाना ख़ुशी
नासमझ लाया ग़म तो ये ग़म ही सही

बेचारा कहां जानता है ख़लिश है ये क्या ख़ला है
शहर भर की खुशी से ये दर्द मेरा भला है
जश्न ये रास ने आए मज़ा तो बस ग़म में आए

कभी है इश़्क का उजाला कभी है मौत का अंधेरा
बताओ कौन भेस होगा मैं जोगी बनूं या लुटेरा
कई चेहरे हैं इस दिल के न जाने कौन सा मेरा

हज़ारों ऐसे फासले थे जो तय करने चले थे
राहें मगर चल पड़ी थीं और पीछे हम रह गए थे
कदम दो चार चल पाएं किए फेरे तेरे मन के

गायक – के के
गीतकार – नीलेश मिश्रा
संगीत – एम एम करीम

Monday, June 4, 2007

जागे हैं - गुरू

जागे हैं देर तक हमें कुछ देर सोने दो
थोड़ी सी रात और है सुबह तो होने दो
आधे-अधूरे ख़्वाब जो पूरे न हो सके
इक बार फिर से नींद में वो ख़्वाब बोने दो


गायक – चित्रा, ए आर रहमान
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – ए आर रहमान

Tuesday, May 15, 2007

तेरे बिन - बस एक पल

तेरे बिन मैं यूं कैसे जिया कैसे जिया तेरा बिन
तेरे बिन मैं यूं कैसे जिया कैसे जिया तेरा बिन

लेकर यादें तेरी रातें मेरी कटीं
मुझसे बातें तेरी करती है चाँदनी
तन्हा तुझ बिन रातें मेरी दिन मेरे दिन के जैसे नहीं
तन्हा बदन तन्हा है रूह नम मेरी आँखें रहें
आजा मेरे अब रू ब रू जीना नहीं बिन तेरे
तेरे बिन मैं यूं कैसे जिया कैसे जिया तेरा बिन

कब से आँखें मेरी राह में तेरे बिछीं
भूले से भी कभी तू मिल जाए कहीं
भूले न मुझसे बातें तेरी भीगी हर हर पल आँखें मेरी
क्यूं सासं लू क्यूं मैं जीऊं जीना बुरा सा लगे
क्यूं हो गया तू बेवफा मुझको बता दे वजह

बस एक पल - बस एक पल

बस एक पल बस एक पल बस एक पल
बस एक पल बस एक पल बस एक पल

तू इक बार जो प्यार से मुझको छूले तो हर ज़ख़्म भर जाएगा
ज़रा इल्तिजा सुनके दीवाने दिल की मुझे अपने दिल से लगा
तेरे प्यार में ऐसे जीए हम
जला है ये दिल ये आँखें हुईं नम

हमारे ख़्यालों में ख़्वाबों में यादों में बातों में रहते हो तुम
बढ़ाके मैं ये हाथ छूना जो चाहूँ तो पल भर में होते हो ग़ुम
तेरे प्यार में ऐसे जीए हम
जला है ये दिल ये आँखें हुईं नम

सुना है मुहब्बत की तकदीर में लिखें हैं अँधेरे घने
तभी आज शायद सितारे सभी ज़रा सा ही रोशन हुए
तेरे हाथ की इन लकीरों में लिखे अभी और कितने सितम
ख़फ़ा हो गई है खुशी वक्त से हो रहे हैं मेहरबान हम
तेरे प्यार में ऐसे जीए हम
जला है ये दिल ये आँखें हुईं नम