Sunday, June 8, 2008

पहली नज़र में - रेस

पहली नज़र में कैसा जादू कर दिया
तेरा बन बैठा है मेरा जिया
जाने क्या होगा क्या होगा क्या पता
इस पल को मिल के आ जी लें ज़रा
मैं हूँ यहाँ तू है यहाँ मेरी बाँहों में आ आ भी जा
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा

Baby I love you, baby I love you, baby I love you, baby I love you so
Baby I love you, O I love you, I love you so baby I love you

हर दुआ में शामिल तेरा प्यार है
बिन तेरे लम्हा भी दुश्वार है
धड़कनों को तुझसे ही दरकार है
तुझसे राहतें तुझसे चाहतें
तू जो मिली इक दिन मुझे
मैं कहीं हो गया लापता
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा


कर दिया दीवाना दर्द-ए-ख़ास ने
चैन छीना इश्क के एहसास ने
बेख़्याली दी है तेरी प्यास ने
छाया सुरूर है कुछ तो ज़रूर है
ये दूरियां जीने ने दें
हाल मेरा तुझे न पता
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा
ओ जानेजाँ दोनों जहाँ मेरी बाँहों में आ भूल जा

Baby I love you, baby I love you, baby I love you, baby I love you so
Baby I love you, O I love you, baby I love you, I love you

गायक – आतिफ़ असलम
गीतकार – समीर
संगीत – प्रीतम

Friday, June 6, 2008

या रब्बा - सलाम-ए-इश्क

प्यार है या सज़ा ऐ मेरे दिल बता
टूटता क्यों नहीं दर्द का सिलसिला
इस प्यार में हो कैसे कैसे इम्तिहां
ये प्यार लिखे कैसी कैसी दास्तां
या रब्बा दे दे कोई जान भी अगर
दिलबर पे हो न दिलबर पे हो न कोई असर



कैसा है सफ़र वफ़ा की मंज़िल का
न है कोई हल दिलों की मुश्किल का
धड़कन धड़कन बिखरी रंजिशें
सांसें सांसें टूटी बंदिशें
कहीं हर लम्हा होंटों पे फ़रियाद है
किसी की दुनिया चाहत में बर्बाद है
या रब्बा ...


कोई न सुने सिसकती आहों को
कोई न धरे तड़पती बांहों को
आधी आधी पूरी ख़्वाहिशें
टूटी फूटी सब फ़रमाइशें
कहीं शक है कहीं नफ़रत की दीवार है
कहीं जीत में भी शामिल पल पल हार है
या रब्बा ...

न पूछो दर्दमंदों से हंसी कैसी ख़ुशी कैसी
मुसीबत सर पे रहती है कभी कैसी कभी कैसी
हो रब्बा रब्बा रब्बा हो रब्बा

गायक – कैलाश खेर
गीतकार – समीर
संगीत – शंकर, ऐहसान, लॉय

Thursday, April 24, 2008

दर्द-ए-डिस्को - ओम शांति ओम

वो हसीना वो नीलमपरी
कर गई कैसी जादूगरी
नींद इन आँखों से छीन ली है
दिल में बेचैनियां हैं भरी
मैं बेचारा हूँ आवारा भोला
समझाऊँ मैं ये अब किस किस को
दिल में मेरे है दिल में मेरे है दर्द-ए दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दिल में मेरे है दर्द-ए दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दर्द-ए डिस्को


फ़स्ल-ए ग़ुल थी ग़ुलपोशियों का मौसम था
हम पर कभी सरग़ोशियों का मौसम था ।।
कैसा जुनूं ख़्वाबों की अंजुमन में था
क्या मैं कहूँ क्या मेरे बांकपन में था
रंजिश का चला था गुब्बारा
फूटा जो ख़्वाब का गुब्बारा
तो फिरता हूँ मैं लंडन पेरिस
न्यूयॉर्क एल ए सैन फ्रैंसिस्को
दिल में मेरे है दिल में मेरे है दर्द-ए दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दिल में मेरे है दर्द-ए दर्द-ए डिस्को
दिल में मेरे है दर्द-ए डिस्को
Dard-e-disco come on now let’s go

लम्हा लम्हा अरमानों की फ़रमाईश थी
लम्हा लम्हा जुर्रअत की आज़माईश थी
अब्र-ए करम घिर घिर के मुझ पे बरसा था
अब्र-ए करम बरसा तो कब मैं तरसा था
फ़िर तू न हुआ मंज़र मेरा
वो मेरा सनम दिलबर मेरा
दिल तोड़ गया मुझे छोड़ गया
वो पिछले महीने की छब्बिस को

गायक – सुखविंदर
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – विशाल-शेखर

Friday, March 7, 2008

आओगे जब तुम - जब वी मेट

आओगे जब तुम साजना
अंगना फूल खिलेंगे
बरसेगा सावन बरसेगा सावन झूम झूम के
दो दिल ऐसे मिलेंगे

नैना तेरे कजरारे हैं
नैनों पे हम दिल हारे हैं
अंजाने ही तेरे नैनों ने
वादे किए कई सारे हैं
साँसों की लय मद्धम चले
तोसे कहे
बरसेगा सावन बरसेगा सावन झूम झूम के
दो दिल ऐसे मिलेंगे

चँदा को ताकूँ रातों में
है ज़िंदगी तेरे हाथों में
पलकों पर झिलमिल तारे हैं
आना भरी बरसातों में
सपनों का जहां
होगा खिला खिला
बरसेगा सावन बरसेगा सावन झूम झूम के
दो दिल ऐसे मिलेंगे

गायक – उस्ताद राशिद खान

मैं अगर कहूँ - ओम शांति ओम

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
किसी ज़बान में वो लफ़्ज़ ही नहीं
कि जिनमें तुम हो क्या तुम्हें बता सकूँ
मैं अगर कहूँ तुमसा हसीं
कायनात में नहीं है कहीं
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं


शोखियों में डूबी ये अदाएं
चेहरे से झलकी हुई है
ज़ुल्फ़ की घनी घनी घटाएं
शाने से ढलकी हुई है
लहराता आँचल है जैसे बादल
बाहों में भरी है जैसे चाँदनी
रूप की चाँदनी
मैं अगर कहूँ ये दिलकशी
है नहीं कहीं न होगी कभी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं

तुम हुए मेहरबां तो है ये दास्तां
अब तुम्हारा मेरा एक है कारवां
तुम जहां मैं वहां
मैं अगर कहूँ हमसफ़र मेरी
अप्सरा हो तुम या कोई परी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं

गायक – सोनू निगम
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – विशाल-शेखर

Monday, December 31, 2007

अजब सी - ओम शांति ओम

आँखों में तेरी अजब सी अजब सी अदाएं हैं
दिल को बना दे जो पतंग साँसें ये तेरी वो हवाएं हैं

आई ऐसी रात है जो बहुत खु़शनसीब है
चाहे जिसे दूर से दुनिया वो मेरे करीब है
कितना कुछ कहना है फिर भी है दिल में सवाल कहीं
सपनों में जो रोज़ कहा है वो फिर से कहूँ या नहीं

तेरे साथ साथ ऐसा कोई नूर आया है
चाँद तेरी रोशनी का हल्का सा इक साया है
तेरी नज़रों ने दिल का किया जो हशर असर ये हुआ
अब इनमें ही डूब के हो जाऊँ पार यही है दुआ

गायक – के के
गीतकार – जावेद अख़्तर
संगीत – विशाल-शेखर

Sunday, December 30, 2007

तुम से ही - जब वी मेट

न है ये पाना न खोना ही है
तेरा न होना जाने क्यूँ होना ही है
तुमसे ही दिन होता है सुरमई शाम आती है
तुमसे ही तुमसे ही
हर घड़ी साँस आती है ज़िंदगी कहलाती है
तुमसे ही तुमसे ही

आँखों मे आँखें तेरी बाहों में बाहें तेरी
मेरा न मुझमे कुछ रहा हुआ क्या
बातों में बातें तेरी रातें सौगातें तेरी
क्यूँ तेरा सब ये हो गया हुआ क्या
मै कहीं भी जाता तुमसे ही मिल जाता हूँ
तुमसे ही तुमसे ही
शोर में खा़मोशी है थोड़ी सी बेहोशी है
तुमसे ही तुमसे ही

आधा सा वादा कभी आधे से ज़्यादा कभी
जी चाहे कर लूँ इस तरह वफ़ा का
छोडे़ न छूटे कभी तोड़े न टूटे कभी
जो धागा तुमसे जुड़ गया वफ़ा का
मै तेरा सरमाया हूँ जो भी मैं बन पाया हूँ
तुमसे ही तुमसे ही
रास्ते मिल जाते हैं मंज़िलें मिल जाती हैं
तुमसे ही तुमसे ही

न है ये पाना न खोना ही है
तेरा न होना जाने क्यूँ होना ही है

गायक – मोहित चौहान
संगीत – प्रीतम
गीतकार – इरशाद कामिल

Wednesday, November 7, 2007

रंग दे बसंती - रंग दे बसंती

थोड़ी सी धूल मेरी धरती की मेरे वतन की
थोड़ी सी ख़ुश्बू बौराई सी मस्त पवन की
थोड़ी सी झोंकने वाली धक धक धक धक धक धक साँसें
जिन में हो जुनूं जुनूं वो बूँदें लाल लहू की
ये सब तू मिला मिला ले फिर रंग तू खिला खिला ले

और मोहे तू रंग दे बसंती यारा मोहे तू रंग दे बसंती
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती मोहे मोहे तू रंग दे बसंती

सपने रंग दे, अपने रंग दे
खुशियां रंग दे, ग़म भी रंग दे
नस्लें रंग दे, फ़सलें रंग दे
रंग दे धड़कन, रंग दे सरगम
रंग दे सूरज, रंग दे दर्पण
मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा मोहे तू रंग दे बसंती


धीमी आँच पे तू ज़रा इश्क चढा
थोड़े झरने ला, थोड़ी नदी मिला
थोड़ा सागर ले, थोड़ी गागर ले
थोड़ा छिड़क छिड़क, थोड़ा हिला हिला
फिर एक रंग तू खिला खिला

बस्ती रंग दे, हस्ती रंग दे
हंस हंस रंग दे, नस नस रंग दे
बचपन रंग दे, जोबन रंग दे
अब देर न कर सचमुच रंग दे
रंगरेज़ मेरे सब कुछ रंग दे

मोहे मोहे तू रंग दे बसंती मोहे मोहे तू रंग दे बसंती यारा
गायक - दलेर मेंहदी, चित्रा
गीतकार - प्रसून जोशी
संगीत - ए आर रहमान




Monday, October 22, 2007

कजरारे - बंटी और बबली

ऐसी नज़र से देखा उस ज़ालिम ने चौंक पर
हमने कलेजा रख दिया चाकू की नोक पर

वाह वाह कमाल हो गया ओए रायता फैल गया

धिन तिनक धिन... ... ...

मेरा चैन वैन सब उजड़ा ज़ालिम नज़र हटा ले
बर्बाद हो रहे हैं जी तेरे अपने शहर वाले
हो... मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरा अंगड़ाई न टूटे तू आजा

कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैना जुड़वा नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना

सुरमे से लिखे तेरे वादे आँखों की ज़बानी आते हैं हाय
मेरे रूमालों पर लब तेरे बाँध के निशानी जाते हैं
हो तेरी बातो में किमाम की ख़ुश्बू है
तेरा आना भी गर्मियों की लू है
आजा टूटे न टूटे न अंगड़ाई
हो मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा

कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो मेरे नैना मेरे नैना मेरे नैनों मे छुप के रहना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना

आँखे भी कमाल करती हैं पर्सनल से सवाल करती हैं हाय
पलकों को उठाती भी नहीं परदे का ख़्याल करती हैं
हो मेरा ग़म तो किसी से भी छुपता नहीं
दर्द होता है दर्द जब चुभता नहीं
आजा टूटे न टूटे न अगड़ाई
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना हमें डसते हैं तेरे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना

हो तुझसे मिलना पुरानी दिल्ली में
छोड़ आए निशानी दिल्ली में
बल्लीमारां से दरीबे तलक
तेरी मेरी कहानी दिल्ली में
हो हो काली कमली वाले को याद करके
तेरे काले काले नैनों की कसम खाते हैं
हो तेरे काले काले नैनों की बलाएं ले लूँ
तेरे काले काले नैनों को दुआएं दे दूँ
मेरी जान उदास है होंठों पे प्यास है
आजा रे आजा रे आजा रे
ओ तेरी बातों में किमाम की ख़ुश्बू है
ओ तेरा आना भी गर्मियों की लू है
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
मेरी अंगड़ाई न टूटे तू आजा
कजरारे कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे तेरे कारे कारे नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैना जुड़वा नैना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना
हो तेरे नैना तेरे नैनों में छुप के रहना

कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे कारे नैना
कजरारे कजरारे मेरे कारे कारे नैना

गायक – अलीशा चिनाय, शंकर महादेवन
गीतकार – ग़ुलज़ार
संगीत – शंकर एहसान लॉय

Friday, October 5, 2007

वो लम्हें वो बातें - ज़हर

वो लम्हें वो बातें कोई न जाने
थी कैसी रातें बरसातें
वो भीगी भीगी यादें वो भीगी भीगी यादें

न मैं जानूं न तू जाने
कैसा है ये मौसम कोई न जाने
कहीं से ये ख़िज़ा आई
ग़मों की धूप संग लाई
खफ़ा हो गए हम जुदा हो गए हम

सागर की गहराई से गहरा है अपना प्यार
सहराओं की इन हवाओं में कैसे आएगी बहार
कहां से ये हवा आई
घटाएं काली क्यूं छाईं
खफ़ा हो गए हम जुदा हो गए हम

गायक – अतीफ़ असलम
गीतकार – सईद क़ादरी